integrated circuit in hindi | इंटिग्रेटेड सर्किट क्या है ?
Integrated Circuit in hindi इंटीग्रेटेड सर्किट, एक ऐसा सर्किट होता है जिसमे Active तथा Passive दोनों प्रकार के Components को एक बहुत पतली सिलीकॉन चिप पर एक साथ बनाया जाता है। इंटीग्रेटेड सर्किट का उपयोग बहुत ज्यादा किया जा रहा है जैसे :- Tv, Mobile, Computer, etc. IC का उपयोग इतना क्यों किया जा रहा है हम आगे अच्छे से जानेंगे लेकिन उससे पहले आपसे कुछ जान ले ?
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| इंटिग्रेटेड सर्किट क्या है |
क्या आप जानते है, इंटिग्रेटेड सर्किट क्या है ?
- ट्रांजिस्टर कितने डायोडो का एक सयोजन है ?
- स्पाइडर का अध्ययन क्या है ?
- दूरी के साथ स्थान परिवर्तन क्या कहलाता है ?
- ई -मेल के खोजकर्ता कौन है ?
- ऐसी स्थिति जिसमे मानव शरीर का ताप सामान्य से घट जाता है क्या कहलाता है ?
Integrated Circuit ( IC )
इंटीग्रेटेड सर्किट के लिए प्रयोग की गई इस छोटी सी सिलीकॉन चिप पर बहुत से ट्रांजिस्टर , डायोड तथा प्रतिरोधो को एक साथ तैयार करते है पहले इलेक्ट्रानिक सर्किटों में Active Components (जैसे ट्रांजिस्टर फैट आदि ) तथा Passive Components ( Resistance , Inductance तथा Capacitance ) अलग -अलग यूनिट होते थे जिन्हे Soldering के द्वारा तारो की सहायता से आपस में जोड़ा जाता है। अतः इन सर्किटों का साइज़ बड़ा होता था । सर्किटों का साइज कम करने के लिए PCB ( Printed Circuit Boards ) प्रयोग किये गए। एक PCB पर बहुत से भिन्न -भिन्न Components को आपस में जोड़ा जाता है। Complex equipment के लिए बहुत सी ICs को एक अकेले PCB पर लगाया जा सकता है।
परन्तु अब एक नई Device जिसे Monolithic Integrated Circuit कहते है , प्रयोग की जाती है जिसमे सैकड़ो डायोड , ट्रांजिस्टर तथा प्रतिरोध एक ही विधि के द्वारा एक साथ बनाये जाते है। एक इंटीग्रेटेड सर्किट के लिए 1 mm*1 mm Cross Section का सिलिकॉन का क्रिस्टल प्रयोग किया जाता है । इस प्रकार यदि हम एक वर्ग सेंटीमीटर का वेफर ( Wafer ) लेते है तो इसे 1 mm* 1 mm साइज की 100 चिपो में विभाजित किया जा सकता है। एक Component ( active या Passive ) के लिए आवश्यक क्षेत्रफल 0.025 वर्ग मिमी. होता है तो प्रत्येक चिप अथवा प्रत्येक इंटीग्रेटेड सर्किट में 40 अलग - अलग Components होंगे अर्थात एक वर्ग सेंटीमीटर की प्रत्येक वेफर में 40*100 = 4000 Components होंगे। यदि हम 100 वेफ़रो को एक बैच में तैयार करते है तो हम 10000 इंटीग्रेटेड सर्किटों को एक साथ बना सकते है . जिसमे 400000 Components होंगे . इनमे से कुछ चिपे बनाते समय खराब हो जाती है परन्तु अधिकतर चिपे ठीक होती है ,इस प्रकार Integrated circuit माइक्रो इलेक्ट्रानिक्स के जनरल फील्ड की एक शाखा तैयार करते है।
परन्तु अब एक नई Device जिसे Monolithic Integrated Circuit कहते है , प्रयोग की जाती है जिसमे सैकड़ो डायोड , ट्रांजिस्टर तथा प्रतिरोध एक ही विधि के द्वारा एक साथ बनाये जाते है। एक इंटीग्रेटेड सर्किट के लिए 1 mm*1 mm Cross Section का सिलिकॉन का क्रिस्टल प्रयोग किया जाता है । इस प्रकार यदि हम एक वर्ग सेंटीमीटर का वेफर ( Wafer ) लेते है तो इसे 1 mm* 1 mm साइज की 100 चिपो में विभाजित किया जा सकता है। एक Component ( active या Passive ) के लिए आवश्यक क्षेत्रफल 0.025 वर्ग मिमी. होता है तो प्रत्येक चिप अथवा प्रत्येक इंटीग्रेटेड सर्किट में 40 अलग - अलग Components होंगे अर्थात एक वर्ग सेंटीमीटर की प्रत्येक वेफर में 40*100 = 4000 Components होंगे। यदि हम 100 वेफ़रो को एक बैच में तैयार करते है तो हम 10000 इंटीग्रेटेड सर्किटों को एक साथ बना सकते है . जिसमे 400000 Components होंगे . इनमे से कुछ चिपे बनाते समय खराब हो जाती है परन्तु अधिकतर चिपे ठीक होती है ,इस प्रकार Integrated circuit माइक्रो इलेक्ट्रानिक्स के जनरल फील्ड की एक शाखा तैयार करते है।
Advantages of I.Cs
इंटीग्रेटेड सर्किट के लाभ
- साइज छोटा होता है।
- components को अधिक मात्रा में बनाने के कारण कीमत कम आती है।
- सर्किट के विभिन्न भागो के बीच तापान्तर निम्न होता है।
- Interconnection Errors नहीं होती है।
- उच्च स्तर की विश्वनीयता प्राप्त होती है क्योकि सभी Components एक साथ बनाये जाते है जिससे उनके बीच कोई भी Soldered joints
- कम कीमत , छोटे साइज तथा अधिक विश्वसनीयता के कारण अच्छी Functional Characteristics प्राप्त करने के लिए जटिल से जटिल सर्किट बनाये जा सकते है।
Limitations of I.Cs
इंटीग्रेटेड सर्किट की कुछ limit है :-
- Capacitors तथा Resistors के अधिकतम मान सीमित होते है।
- कम टालरेंस तथा कम ताप गुणांक के कैपेसिटर तथा प्रतिरोध प्राप्त नहीं होती है .
- उच्च वर्ग PNP यूनिट आसानी से प्राप्त नही होती है।
- I. C. टैक्नोलॉजी में Inductors नहीं बनाय जा सकते है।
- प्रत्येक Element एक दुसरे से Isolated रहने के कारण अनावश्यक Parasitic Elements तैयार हो जाते है।
- ट्रांजिस्टरों का Saturation Resistance अधिक होता है।
- Power Dissipation सीमित होता है।
- Low Noise तथा High Voltage Operations आसानी से प्राप्त नहीं होते है।
- Capacitors तथा Resistors के मान प्रायः वोल्टेज पर निर्भर करते है।
- I.C. के किसी एक भाग के खराब हो जाने पर पूरी यूनिट बेकार हो जाती है।
- ट्रांजिस्टर कितने डायोडो का एक सयोजन है ?
- उत्तर :- दो
- स्पाइडर का अध्ययन क्या है ?
- उत्तर :- अरेक्नोलॉजी
- दूरी के साथ स्थान परिवर्तन क्या कहलाता है ?
- उत्तर :- विस्थापन
- ई -मेल के खोजकर्ता कौन है ?
- उत्तर :- शिवा अय्यादुरई
- ऐसी स्थिति जिसमे मानव शरीर का ताप सामान्य से घट जाता है क्या कहलाता है ?
- उत्तर :- हाइपोथर्मिया

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